{"product_id":"vedant-the-religion-of-the-future-by-swami-vivekananda-hindi-paperback","title":"Vedant : The Religion of the Future :  by Swami Vivekananda - (Hindi - Paperback)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eउनतालीस वर्ष की अल्पायु में स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए, वे आनेवाली अनेक शताब्दियों तक पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।वे केवल संत ही नहीं थे, एक महान् देशभक्त, ओजस्वी वक्ता, प्रखर विचारक, रचनाधर्मी लेखक और करुणा से ओतप्रोत मानवताप्रेमी भी थे।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअमेरिका से लौटकर उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा था, “नया भारत निकल पड़े मोची की दुकान से, भड़भूजे के भाड़ से, कारखाने से, हाट से, बाजार से; निकल पड़े झाड़ियों, जंगलों, पहाड़ों, पर्वतों से ।''\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eऔर जनता ने स्वामीजी की पुकार का उत्तर दिया। वह गर्व के साथ निकल पड़ी। गांधीजी को आजादी की लड़ाई में जो जन-समर्थन मिला, वह विवेकानंद के आह्वान का ही फल था। इस प्रकार वे भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम के भी प्रमुख प्रेरणास्नोत बने ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रस्तुत पुस्तक 'वेदांत भविष्य का धर्म' में स्वामीजी ने भारतीय अध्यात्म के दो आधारभूत ग्रंथों 'रामायण' और “महाभारत' के माध्यम से भारत के समाज का आध्यात्मिक, सामाजिक और मानसिक दृश्य खींचा है, जो भारतीय जनमानस के भावों का दिग्दर्शन कराता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Private Limited","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52924484485436,"sku":"9355213638","price":188.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0970\/8375\/2764\/files\/HH.jpg?v=1774607346","url":"https:\/\/prabhatprakashan.in\/products\/vedant-the-religion-of-the-future-by-swami-vivekananda-hindi-paperback","provider":"Prabhat Prakashan Private Limited","version":"1.0","type":"link"}