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Ashtavakra Gita अष्टावक्र गीता | by Swami Prakhar Pragyanand (Book In Hindi - Paperback)
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"अष्टावक्र गीता": आत्म-साक्षात्कार, ज्ञानोदय और ब्रह्मांडीय सत्यों का मार्ग
- भारतीय पौराणिक साहित्य का रत्न: अष्टावक्र गीता भारतीय पौराणिक साहित्य का एक अद्वितीय और अमूल्य रत्न है। यह आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार है जो आपको जीवन, मन और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद करता है।
- अध्यात्म का शिरोमणि ग्रंथ: यह ग्रंथ अध्यात्म के शिरोमणि ग्रंथों में से एक है, जो आत्म-साक्षात्कार, ज्ञानोदय और ब्रह्मांडीय सत्यों का मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- अष्टावक्रजी की कथा: अष्टावक्रजी एक महान ऋषि थे जिन्हें आध्यात्मिक जगत में विशेष सम्मान और आदर प्राप्त है। यह ग्रंथ उनके ज्ञान और अनुभवों का सार है।
- गीता में अनूठे वक्तव्य: इस ग्रंथ में अष्टावक्रजी के अनूठे वक्तव्य हैं जो किसी अन्य ग्रंथ में नहीं पाए जाते हैं। उनके शब्दों में गहरी आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि और जीवन के प्रति गहन समझ है।
- प्रयोगसिद्ध वैज्ञानिक सत्य: अष्टावक्रजी द्वारा दिखाए गए वक्तव्य न केवल सैद्धांतिक हैं, बल्कि वे प्रयोगसिद्ध वैज्ञानिक सत्य भी हैं। उनके ज्ञान में जीवन को बेहतर बनाने की शक्ति है।
- राजा जनक और अष्टावक्रजी का संवाद: गीता में राजा जनक और अष्टावक्रजी के विचारों का संवाद विशेष महत्वपूर्ण है। यह संवाद आध्यात्मिक जिज्ञासा और ज्ञान की खोज का प्रतीक है।
- आध्यात्मिक ज्ञान का उपहार: यह पुस्तक आध्यात्मिक ज्ञान का अनमोल उपहार है, जो पाठकों को जीवन के महत्वपूर्ण सवालों का समाधान प्रदान करता है। यह आपको आत्म-साक्षात्कार और आत्मज्ञान के मार्ग पर ले जाता है।
"अष्टावक्र गीता" जीवन जीने का एक नया तरीका सिखाती है। यह आपको आत्म-साक्षात्कार, ज्ञानोदय और ब्रह्मांडीय सत्य के मार्ग पर ले जाती है। यदि आप जीवन के बारे में गहराई से जानना चाहते हैं और सच्ची खुशी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको "अष्टावक्र गीता" अवश्य पढ़नी चाहिए।