Gopi Ki Diary : Gopi Diaries Complete Collection By Sudha Murty : (Book In Hindi)-Hardback
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9789390366002 : Gopi Ki Diary - 1
तुम मेरी जिंदगी हो— गोपी, गोपेचा, गोपेश, गोपीनाथ, गोपाल राव, गोपाल स्वामी, गोपू। यह गोपी नाम के एक कुत्ते और उसे गोद लेने वाले प्यारे परिवार की कहानी है। इस किताब में बताया गया है कि कैसे जल्द ही गोपी सफेद फर वाले छोटे से पिल्ले से एक युवा कुत्ते में बदल जाता है। वह अपनी दुनिया से अच्छी तरह परिचित है। उसके आस-पास रहने वाले लोग उसका नाम पुकारें, इससे पहले ही वह उनके मन की बात समझ जाता है। सुधा मूर्ति की अनूठी शैली में लिखी यह साधारण सी कहानी एक कुत्ते के नजरिए से प्रस्तुत की गई है, जो हमें बताती है कि पालतू जानवर अपने प्यार, समर्पण और असीमित प्यार के कारण ही इतने खास बन जाते हैं।
9789395386166 : Gopi Ki Diary - 2
गोपी, मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मुझे तुमसे मिले एक साल बीत चुका है। तुम मेरे लिए कितनी खुशियाँ लाए हो!' बेस्टसेलिंग गोपी डायरीज सीरीज की इस दूसरी पुस्तक में गोपी पहली पुस्तक के छोटे पिल्ले की तुलना में अधिक मजबूत, बड़ा, अधिक आत्मविश्वासी है, लेकिन साथ ही अधिक चुटीला और अधिक शरारती भी! वह नई परिस्थितियों, नई चुनौतियों का सामना करता है, यहाँ तक कि अनंत ऊर्जा और भावना के साथ नए कुत्ते साथी भी। और फिर वह दिन आता है, जब वह उन सभी में से सबसे बड़े आश्चर्य का सामना करता है।
9789355620736 : Gopi Ki Diary - 3
हाँ, गोपी मूर्ति तुम्हारी अज्जी ठीक कहती हैं, तुम सचमुच बहुत हैंडसम हो किसी के भी सपनों के राजकुमार बन जाओ। गोपी को हृश्वयार हो गया! पिछले अंक कमिंग होम में एक छोटा सा पहृश्वपी घर आया और ग्रोइंग अप, इस तीसरे अंक में, विशालकाय, शक्तशाली और शरारती गोपी के प्यार की तलाश पूरी हुई, साथ ही इसमें और भी बहुत से ने रोमांच, नई रुचि और उसके जीवन में एक नई डॉगी सुंदरी सी नोवा के आने और एक नए परिवार को दुनिया में लाने की कहानी है। छोटा सा गोपी अब बहुत समझदार भी हो गया। मैंने जीवन में बहुत बड़ा सबक सीखा, जिसे मैं अपने बच्चों को भी सिखाना चाहता हूँ। हम जिन इनसानों के साथ रहते हैं, उनके प्रति वफादार बने रहने से हमारे जीवन में खुशियाँ और शांति आती है।
9789355622518 : Gopi Ki Diary - 4
मैं कभी अकेला नहीं रहा और मुझे - नहीं पता था कि घर का रास्ता कैसे ढूँढूँ` गोपी खो गया है! अपने घर के आराम से बाहर निकलते समय गोपी को सड़कों पर जीवन का अनुभव होता है, जहाँ वह गली के कुत्तों से मिलता है और उनके संघर्षों को जीता है। दिन के दौरान गोपी गली के एक दयालु लड़के से दोस्ती करता है, जो उसके कई रोमांचों में उसका साथ देता है। यह एक ऐसा दिन है, जो पहले कभी नहीं था। लेकिन गोपी को हर मिनट अपनी पसंदीदा अज्जी की याद आती है। क्या गोपी अपने घर का रास्ता खोज पाएगा? क्या अज्जी और गोपी फिर से मिलेंगे ? जानने के लिए यह सुंदर, दिल को छू लेने वाली कहानी पढ़ें।