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Sangram : "संग्राम" - by Premchand - (Hindi - Paperback)
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194 Pages
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- प्रेमचंद एक अद्वितीय हिंदी कथाकार थे जो आधुनिक हिंदी साहित्य के अग्रणी कथाकारों में से एक थे।
- उन्होंने लगभग पैंतीस वर्ष की साहित्य-साधना के दौरान 14 उपन्यास और 300 से अधिक कहानियां लिखीं।
- प्रेमचंद के लेखन का मुख्य उद्देश्य समाज में सुधार और विचारों को प्रसार करना था।
- उनकी उपन्यास 'सेवासदन', 'प्रतिज्ञा', 'निर्मला', 'गोदान', 'कर्मभूमि', 'गबन' आदि उनके महत्वपूर्ण लेख हैं।
- 'सेवासदन' में उन्होंने वेश्या-समस्या और उसके समाधान का चित्रण किया।
- 'प्रतिज्ञा' में वह प्रेमा की कहानी को कुछ परिवर्तन के साथ प्रस्तुत करते हैं।
- 'गोदान' में उन्होंने कृषक और कृषि-जीवन के विध्वंस की त्रासद कहानी को लिखा है।
- प्रेमचंद ने हिंदी उपन्यास को भारतीय मुहावरा दिया और साधारण व्यक्ति को नायक बनाकर नया आदर्श प्रस्तुत किया।
- उनकी रचनाएँ हिंदी भाषा को मानक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- प्रेमचंद की कहानियों और उपन्यासों में भारतीय समाज की विविधता और समस्याओं का चित्रण किया गया है।