Veer Savarkar & Freedom Struggle Bundle: Hindutva, 1857 War of Independence, Kala Pani & Moplah/Mopala Rebellion — Set of 5 Books in Hindi
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यह विशेष बंडल भारत के राष्ट्र-जागरण, स्वतंत्रता-संग्राम, विचार-चिंतन और औपनिवेशिक दमन की उन ऐतिहासिक परतों को एक साथ प्रस्तुत करता है, जिनसे बीसवीं शताब्दी के भारत का वैचारिक–राजनीतिक परिदृश्य आकार लेता है। इसमें वीर विनायक दामोदर सावरकर के प्रमुख लेखन—“हिंदुत्व”, “काला पानी” और “मोपला कांड”—के साथ 1857 के स्वातंत्र्य समर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जुड़ती है, जिससे पाठक को संघर्ष, विचार और समाज–इतिहास का समग्र दृष्टिकोण मिलता है।
“हिंदुत्व” अपने समय की ऐसी प्रभावशाली वैचारिक कृति मानी गई, जिसके गुप्त संस्करण लंबे कालखंड तक अनेक भाषाओं में प्रसारित होते रहे और जिसे क्रांतिकारियों के बीच प्रेरक साहित्य के रूप में पढ़ा गया। “काला पानी” अंडमान की सेल्युलर जेल और सश्रम कारावास की कठोर वास्तविकताओं, राजबंदियों की यातनाओं और औपनिवेशिक अत्याचार के जीवंत वर्णन के माध्यम से उस दौर की पीड़ा और प्रतिरोध को सामने लाती है। “मोपला कांड” 1921 के मालाबार क्षेत्र की घटनाओं का सावरकर के दृष्टिकोण से चित्रण प्रस्तुत करती है, जो पाठक को उस समय के सामाजिक तनाव, हिंसा और उसके दूरगामी प्रभावों पर सोचने के लिए बाध्य करती है। साथ ही 1857 का स्वातंत्र्य समर इस पूरी यात्रा को स्वतंत्रता-संग्राम की जड़ों से जोड़ता है और संघर्ष की निरंतरता को स्पष्ट करता है।
यह बंडल इतिहास-रुचि रखने वाले पाठकों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों, तथा राष्ट्रवाद, समाज और विचारधारा के अध्ययन में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। यह संग्रह पाठक को केवल घटनाएँ नहीं, बल्कि उस काल के विचार, भाव-भूमि, चुनौतियाँ और चेतावनियाँ भी समझने में सहायता करता है—जिससे भारत के आधुनिक इतिहास को व्यापक संदर्भ में देखा जा सके।