Pratigya "प्रतिज्ञा" :  by Premchand - (Hindi - Paperback)

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152 Pages

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  • प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान कथाकार थे।
  • उन्होंने कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं आदि में लगभग 35 वर्ष की साहित्य-साधना की।
  • उनकी रचनाओं की बड़ी संख्या में अपेक्षित सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश होते हैं।
  • 'सेवासदन' उनका प्रसिद्ध उपन्यास है जो वेश्या-समस्या पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • 'प्रेमाश्रम' में जमींदार-किसान के संबंधों का उद्घाटन किया गया है।
  • 'रंगभूमि' में गांधी के स्वाधीनता संग्राम का चित्रण किया गया है।
  • 'कायाकल्प' में शारीरिक और मानसिक कायाकल्प का विवरण है।
  • 'निर्मला' में दहेज-प्रथा और बेमेल-विवाह के दुष्परिणामों की कहानी है।
  • 'प्रतिज्ञा' में 'प्रेमा' की कथा को परिवर्तन के साथ प्रस्तुत किया गया है।
  • 'गबन' में युवा पीढ़ी की पतन-गाथा है और 'कर्मभूमि' में राजनीति संघर्ष का चित्रण है।
  • 'गोदान' में कृषकों और कृषि-जीवन के विध्वंस की कहानी है।
  • प्रेमचंद ने हिंदी उपन्यास को भारतीय मुहावरा दिया और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
  • उनकी रचनाएँ हिंदी साहित्य के लिए अमर बनी हैं और उनका योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

Product Specifications

Pages: 152
Language: Hindi

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